वाशिंगटन: सोचिए, कोई व्यक्ति पृथ्वी पर जन्म ले, अपनी आधी जिंदगी यहीं बिताए और फिर बाकी का जीवन मंगल ग्रह पर गुजारे—यह विचार कितना रोमांचक और अविश्वसनीय है! दुनिया के सबसे प्रसिद्ध और धनवान उद्यमी, स्पेसएक्स के संस्थापक एलन मस्क ने ऐसी ही एक असाधारण इच्छा व्यक्त की है। वह अपनी बची हुई जिंदगी का आधा हिस्सा मंगल ग्रह पर बिताना चाहते हैं।
इस बारे में उनका एक बयान सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है।एक साक्षात्कार में टेस्ला और स्पेसएक्स के मालिक एलन मस्क ने कहा, "मैं लंबे समय में मंगल ग्रह पर जाना चाहता हूं। मेरे लिए यह अद्भुत होगा कि कोई पृथ्वी पर पैदा हो और मंगल पर अपनी जिंदगी का अंत करे, बशर्ते वह समय संघर्षपूर्ण न हो।" मस्क का यह कथन स्पष्ट करता है कि वह मंगल पर उस समय जीवन बिताना चाहते हैं, जब उनके पास जीवन का आनंद लेने के लिए पर्याप्त समय हो, न कि जीवन के अंतिम क्षणों में।
एलन मस्क का यह विचार महज एक ख्याल नहीं है। उनकी कंपनी स्पेसएक्स ने स्टारशिप तकनीक विकसित की है, जो विशेष रूप से मंगल ग्रह पर मानव मिशन के लिए डिज़ाइन की गई है। यह पुन: उपयोग होने वाला रॉकेट सिस्टम है। हाल के परीक्षणों और प्रक्षेपणों ने साबित किया है कि मंगल पर मानव मिशन अब पहले से कहीं अधिक करीब है।
मंगल पर ऑक्सीजन उत्पादन संभव?
मंगल के वायुमंडल में 95% कार्बन डाइऑक्साइड, 2.7% नाइट्रोजन और मात्र 0.13% ऑक्सीजन है, जो मानव जीवन के लिए अपर्याप्त है। लेकिन NASA का MOXIE (Mars Oxygen In-Situ Resource Utilization Experiment) प्रयोग, जो 2021 में Perseverance रोवर के साथ मंगल पर भेजा गया, ने कार्बन डाइऑक्साइड से ऑक्सीजन बनाने में सफलता हासिल की है। यह तकनीक भविष्य में मंगल पर मानव जीवन को संभव बना सकती है।