सीसीटीएनएस से मिली नई ऊंचाईः
राज्य अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एससीआरबी) के निदेशक शिवास कबिराज ने बताया कि सीसीटीएनएस का उद्देश्य अपराध की जांच और केस मैनेजमेंट के लिए एक डिजिटल एकीकृत प्रणाली विकसित करना है। पिछले दो वर्षों में एससीआरबी में कई तकनीकी सुधार किए गए हैं, जिसके चलते हरियाणा पुलिस ने यह शानदार प्रदर्शन किया है। अगस्त और सितंबर 2024 में 99.99% अंकों के साथ हरियाणा तीसरे स्थान पर रहा, जबकि अन्य महीनों में 100% अंक हासिल कर पहला स्थान बनाए रखा। राज्य के सभी थानों को सीसीटीएनएस से जोड़ा जा चुका है, जहां एफआईआर, गुमशुदा रिपोर्ट, मेडिकल केस, अज्ञात शव, और अन्य सभी कार्य डिजिटल रूप से दर्ज और मॉनिटर किए जा रहे हैं।
नेफिस ने सुलझाए गंभीर मामलेः
अपराधियों की पहचान और जटिल मामलों को सुलझाने में नेफिस (National Automated Fingerprint Identification System) सॉफ्टवेयर ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 2022 से अब तक लाखों फिंगरप्रिंट्स डेटा अपलोड कर अपराधियों और अज्ञात शवों के रिकॉर्ड का मिलान किया गया है। इस प्रक्रिया से 93 गंभीर आपराधिक मामलों, जिनमें 22 हत्या के मामले भी शामिल हैं, को सुलझाया गया है। इसके अलावा, 29 अज्ञात शवों की पहचान भी संभव हो पाई है।
प्रशिक्षण और साइबर हेल्पलाइन में शत-प्रतिशत सफलताः
हरियाणा पुलिस ने पुलिसकर्मियों को तकनीक के उपयोग के लिए 72 कार्यशालाएं आयोजित की हैं। साइबर अपराध से निपटने के लिए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर हरियाणा पुलिस का स्कोर 100% रहा है, जिसका मतलब है कि सभी कॉल्स पर समय पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।