जयपुर। राजधानी जयपुर के ईएसआई हॉस्पिटल को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद हड़कंप मच गया। धमकी ईमेल के जरिए भेजी गई, जो आतंकवादी अजमल कसाब के नाम से प्राप्त हुई है। मेल मिलते ही अस्पताल प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। तत्काल मौके पर पुलिस, फायर ब्रिगेड, बम निरोधक दस्ता और सिविल डिफेंस टीम पहुंची। पूरे अस्पताल को खाली कराकर तलाशी अभियान शुरू किया गया।
ईमेल भेजने वाले की तलाश में जुटी साइबर टीम धमकी भरे मेल की जांच साइबर सेल को सौंपी गई है। पुलिस प्राथमिक स्तर पर इसे शरारती तत्व की हरकत मान रही है, लेकिन किसी भी आशंका को नज़रअंदाज़ किए बिना पूरे परिसर की बारीकी से तलाशी ली जा रही है। अब तक किसी भी संदिग्ध वस्तु की बरामदगी नहीं हुई है, लेकिन सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है।सुरक्षा के लिहाज से अस्पताल परिसर सील ईएसआई अस्पताल में आवाजाही पर रोक लगा दी गई है और आमजन को परिसर से दूर रहने की अपील की गई है। एहतियात के तौर पर चिकित्सा स्टाफ और मरीजों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। जयपुर में धमकी भरे मेल की घटनाएं बढ़ी यह कोई पहली घटना नहीं है जब जयपुर को इस तरह बम धमकी दी गई हो। पिछले कुछ महीनों में शहर को कई बार धमकी भरे ईमेल मिले हैं : 8, 12 और 13 मई को सवाई मानसिंह स्टेडियम को उड़ाने की धमकी मिली थी। खास बात यह रही कि 13 मई को मिले मेल में न सिर्फ बम धमकी थी, बल्कि उसमें एक रेप पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग भी लिखी गई थी। इस मामले में अहमदाबाद से एक महिला को गिरफ्तार किया गया था, जो जयपुर को चार से पांच बार इस तरह के मेल भेज चुकी थी। 9 मई को जयपुर मेट्रो को उड़ाने की धमकी मिली थी। ईमेल में ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का हवाला देते हुए जयपुर मेट्रो स्टेशन और ट्रेन को उड़ाने की बात कही गई थी। जांच में यह धमकी निराधार निकली, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने पर मजबूर कर दिया। धमकियों का मकसद माहौल बिगाड़ना या सुरक्षा एजेंसियों को भ्रमित करना? लगातार सामने आ रहे धमकी भरे मेल अब सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं। प्राथमिक तौर पर इनका मकसद डर फैलाना और संसाधनों को व्यर्थ में उलझाना नजर आता है, लेकिन बार-बार हो रही इन घटनाओं को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां इन्हें हल्के में नहीं ले रहीं। पुलिस का बयान जयपुर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि—“हम इस तरह की धमकियों को गंभीरता से ले रहे हैं। चाहे वह फर्जी मेल ही क्यों न हो, जब तक पूरी जांच और सर्च ऑपरेशन पूरा नहीं हो जाता, किसी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता।” अस्पतालों और सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ाई गई घटनाक्रम के बाद जयपुर के प्रमुख अस्पतालों, मेट्रो स्टेशनों और स्टेडियमों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। निगरानी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, और साइबर टीमें ईमेल ट्रेस करने में जुटी हैं।
