सीतापुर राकेश पाण्डेय।जिले के विकास खण्ड महमूदाबाद में भृष्टाचारियों की बढ़ती सक्रियता के कारण ब्लाक महमूदाबाद के उच्च अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।कहीं न कहीं हो रहे मनरेगा घोटालों के पीछे भृष्टाचारियो और बेईमानों को उच्च अधिकारियों का संरक्षण भी प्राप्त होता नजर आ रहा है।जिसके चलते विकास खण्ड महमूदा बाद की ग्राम पंचायत बकहुआ में जिम्मेदार खुलकर फर्जी बाड़ा कर रहे हैं।
आपको बताते चलें कि जिले के ब्लाक महमूदा बाद के ग्राम पंचायत बकहुआ में प्रधान व रोजगार सेवक की सक्रियता को देखते हुये जिम्मेदार अधिकारी अपना संरक्षण देकर जम कर फर्जी वाड़ा कराने में लगे हुए हैं।ग्राम पंचायत में मनरेगा से जगराता तालाब खुदाई के कार्य का संचालन कई दिनों से हो रहा है इसमें लगभग छः दर्जन के करीब व अड़सठ श्रमिकों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने का काम किया जा रहा है। जबकि मौके पर आठ या नौ श्रमिक ही कार्य करते पाए गए।जबकि मनरेगा पोर्टल इसके लिए स्वयं गवाही दे रहा है।
आपको बताते चलें कि सरकार के द्वारा चलाई गई राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा)कहने को तो भले ही गरीबों के लिए वरदान कही जा रही हो लेकिन ग्राम पंचायत बकहुवा में जमीनी स्तर पर भृष्टाचार के चलते गरीबों को मनरेगा योजना का लाभ न मिल कर ग्राम पंचायत के जिम्मेदार प्रधान,सचिव और रोजगार सेवक फर्जी हाजिरी लगाकर गरीबों के हक पर डाका डालकर अपनी तिजोरी भरने का काम जरुर कर रहे हैं।इससे साफ जाहिर हो रहा है कि मनरेगा पोर्टल पर बार-बार वही फोटो अपलोड किये जा रहे हैं।
अगर सूत्रों की माने तो इस कार्य को ठेकेदारी प्रथा के द्वारा कराया जा रहा है और जो लोग कार्य करने नहीं जाते है उनकी हाजिरी लगाई जा रही है।
इस प्रकरण में जब खण्ड विकास अधिकारी संदीप सिंह से सीयूजी नंबर पर कई बार सम्पर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन सम्पर्क नहीं हो पाया।