लखनऊ: उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक विधायक से जुड़े ताजा विवाद ने राज्य की सियासत में गर्माहट ला दी है। बांदा से भाजपा विधायक प्रकाश द्विवेदी और एक सब-डिवीजनल मजिस्ट्रेट (SDM) के बीच हुए कथित विवाद ने समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस को सत्तारूढ़ दल पर निशाना साधने का मौका दे दिया है।
क्या है मामला? रविवार देर रात बांदा में SDM अमित शुक्ला ने कथित तौर पर अवैध बालू खनन में शामिल दो ट्रकों को जब्त कर लिया था। सोशल मीडिया पर ऐसी खबरें वायरल हुईं कि भाजपा विधायक प्रकाश द्विवेदी ने जब्त किए गए ट्रकों को छुड़ाने के लिए SDM के साथ बदतमीजी की और उन्हें कथित तौर पर थप्पड़ मारा। यह भी आरोप लगा कि बीच-बचाव करने आए एक पुलिसकर्मी को भी विधायक द्वारा पीटा गया। हालांकि, विधायक प्रकाश द्विवेदी ने इन आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने अपनी सफाई में कहा कि यह उनकी छवि खराब करने की जानबूझकर की गई कोशिश है। द्विवेदी ने स्वीकार किया कि उन्होंने SDM को "अन्यायपूर्ण वाहन जब्ती" के लिए डांटा था, लेकिन किसी भी तरह के शारीरिक हमले से इनकार किया। उन्होंने यह भी कहा कि FIR "आधारहीन" है। विधायक के अनुसार, SDM ने वैध काम करने वाले एक व्यक्ति को इतना पीटा कि उसका हाथ टूट गया और वे वसूली के लिए दबाव बना रहे थे, जिसका उन्होंने विरोध किया।
विपक्षी दलों का हमला इस घटना पर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर हमला बोला है।
- अखिलेश यादव (सपा अध्यक्ष) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "भाजपा राज में उप्र में ये हो क्या रहा है। भाजपाई इंजन बनाम डिब्बा हो रहा है।" उन्होंने आगे आरोप लगाया कि विधायक ने SDM को धमकाया और फिर मौके पर पहुंचकर "तुम्हारी औकात दिखाता हूं" कहकर थप्पड़ मारा।
- कांग्रेस ने भी इस घटना को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है और इसे "जंगलराज" बताया है।
एक और विधायक पर भी विवाद यह अकेला विवाद नहीं है जिसमें हाल ही में भाजपा के विधायक घिरे हैं। इससे पहले 19 जून को झांसी के बबीना से भाजपा विधायक राजीव सिंह परीछा भी विवादों में आ गए थे। एक वायरल वीडियो में कथित तौर पर उनके समर्थकों को वंदे भारत एक्सप्रेस में एक यात्री के साथ मारपीट करते देखा गया था। इस मामले में भी भाजपा ने विधायक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और सात दिनों के भीतर जवाब मांगा है।
