काठमांडू । इससे पहले, नेपाल के गृह मंत्री रमेश लेखक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।नेपाल की राजधानी काठमांडू और इसके बाहर सोमवार को हुए जेन-जी प्रदर्शनों के दौरान सरकार की हिंसक प्रतिक्रिखिलाफ प्रदर्शन जारी हैं। इस हिंसा में कम से कम 19 लोगों की जान गई। मंगलवार को भी काठमांडू के अलगहिस्सोंसछिटपुट विरोध-प्रदर्शन की जानकारी सामने आई। इसके कारण स्थानीय प्रशासन ने लोगों के एकत्र होने पर रोक लगाते हुएकर्फ्यू लगाया है।काठमांडू में गृह मंत्रालय के अधीन तीन जिला प्रशासन कार्यालयों (डीएओ) ने अलग-अलग नोटिस जारी करके कई स्थानों पर सुबह से कर्फ्यू लगा दिया, जिसमें शहर के प्रमुख एंट्री प्वाइंट शामिल हैं।
काठमांडू डीएओ ने मंगलवार को राजधानी महानगरपालिका क्षेत्र में सुबह 8:30 बजे से अनिश्चितकाल तक के लिए कर्फ्यू लागू किया, जिसमें लोगों को आवाजाही, प्रदर्शन, सभाएं या धरने पर रोक है।
कर्फ्यू के दौरान जरूरी सेवाओं जैसे एम्बुलेंस, अग्निशमन वाहन, शव वाहन, स्वास्थ्यकर्मियों, पत्रकारों, पर्यटक वाहनों, हवाई यात्रियों और मानवाधिकार व राजनयिक मिशनों के वाहनों की आवाजाही की अनुमति होगी।
इसी तरह, ललितपुर के जिला प्रशासनिक अधिकारी ने भी अलग-अलग संगठनों के प्रदर्शनों के बीच सार्वजनिक शांति और सुरक्षा को प्रभावित करने वाली हिंसक गतिविधियों, दंगों या अशांति की संभावना का हवाला देते हुए जिले के विभिन्न स्थानों पर कर्फ्यू लगाया है।
नोटिस में कहा गया है कि ललितपुर जिले के निर्दिष्ट क्षेत्रों में सभी प्रकार की सभाएं, रैलियां, जुलूस, धरना या सामूहिक गतिविधियां प्रतिबंधित हैं।
भक्तपुर के जिला प्रशासनिक अधिकारी ने भी जिले के विभिन्न स्थानों पर कर्फ्यू लगा दिया है, जिसमें विरोध-प्रदर्शन और सभाओं पर रोक लगा दी गई है।
वहीं, लोग सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं और प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली सरकार को 'हत्यारी सरकार' कह रहे हैं।
इसी बीच, प्रधानमंत्री ओली ने सोमवार देर रात एक बयान जारी कर विरोध प्रदर्शनों के दौरान अवांछित समूहों की घुसपैठ को इस दुखद घटना का कारण बताया था।
कर्फ्यू के दौरान जरूरी सेवाओं जैसे एम्बुलेंस, अग्निशमन वाहन, शव वाहन, स्वास्थ्यकर्मियों, पत्रकारों, पर्यटक वाहनों, हवाई यात्रियों और मानवाधिकार व राजनयिक मिशनों के वाहनों की आवाजाही की अनुमति होगी।
इसी तरह, ललितपुर के जिला प्रशासनिक अधिकारी ने भी अलग-अलग संगठनों के प्रदर्शनों के बीच सार्वजनिक शांति और सुरक्षा को प्रभावित करने वाली हिंसक गतिविधियों, दंगों या अशांति की संभावना का हवाला देते हुए जिले के विभिन्न स्थानों पर कर्फ्यू लगाया है।
नोटिस में कहा गया है कि ललितपुर जिले के निर्दिष्ट क्षेत्रों में सभी प्रकार की सभाएं, रैलियां, जुलूस, धरना या सामूहिक गतिविधियां प्रतिबंधित हैं।
भक्तपुर के जिला प्रशासनिक अधिकारी ने भी जिले के विभिन्न स्थानों पर कर्फ्यू लगा दिया है, जिसमें विरोध-प्रदर्शन और सभाओं पर रोक लगा दी गई है।
वहीं, लोग सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं और प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली सरकार को 'हत्यारी सरकार' कह रहे हैं।
इसी बीच, प्रधानमंत्री ओली ने सोमवार देर रात एक बयान जारी कर विरोध प्रदर्शनों के दौरान अवांछित समूहों की घुसपैठ को इस दुखद घटना का कारण बताया था।
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ReplyDeletegood
ReplyDeletenepl brbd hu
ReplyDeleteus trumph politices
ReplyDeletetrump hy hy
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