नेम प्लेट नहीं : चौंकाने वाली बात यह थी कि उसकी वर्दी पर नेम प्लेट भी नहीं लगी हुई थी।
पत्रकार से बदसलूकी : जब एक पत्रकार ने मौके पर पहुंचकर उससे बात करने की कोशिश की, तो उसने उसके साथ भी अभद्र व्यवहार किया।
पुलिस ने क्या किया?
स्थानीय लोगों की सूचना पर नगर थाना पुलिस की 112 गाड़ी मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मी को समझा-बुझाकर थाने ले जाया गया, जिसके बाद चौराहे पर माहौल शांत हुआ। हालांकि, जब पत्रकारों ने नगर थाना अधिकारी से उस पुलिसकर्मी का नाम और तैनाती स्थान पूछा, तो उन्होंने कोई भी जानकारी देने से इनकार कर दिया।
जनता के सवाल
इस घटना के बाद स्थानीय लोग पुलिस की दोहरी नीति पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि जब आम लोगों को शराब के नशे में होने पर तुरंत कार्रवाई होती है, तो इस पुलिसकर्मी के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी? अब यह देखना है कि जिले के उच्च अधिकारी इस मामले पर क्या संज्ञान लेते हैं।