डॉक्टरों ने लोगों को सावधान करते हुए कहा है कि बरसात के बाद मच्छरों के प्रजनन की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। घर के आसपास और छतों पर जमा पानी को तुरंत साफ करें। गमलों, कूलरों और पानी की टंकियों को नियमित रूप से खाली और साफ करना जरूरी है। ठहरे हुए पानी में डेंगू फैलाने वाले एडीज एजिप्टी मच्छर पनपते हैं, जो दिन के समय अधिक सक्रिय रहते हैं। डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी के पीछे एक कारण इस मौसम में खुले में बिकने वाले ठंडे पेय पदार्थ और गंदी बर्फ का सेवन भी बताया जा रहा है।
डॉक्टरों के अनुसार, यह पेय पदार्थ न केवल वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ाते हैं बल्कि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी कमजोर करते हैं, जिससे डेंगू जैसी बीमारियों का खतरा और बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विभाग ने जनता से अपील की है कि बुखार होने पर स्वयं दवा न लें, बल्कि डॉक्टर से परामर्श करें।
समय पर जांच और उपचार से डेंगू के गंभीर परिणामों से बचा जा सकता है। साथ ही, साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें और मच्छर रोधी उपाय जैसे मच्छरदानी, रिपेलेंट क्रीम और पूरी बाजू के कपड़ों का प्रयोग करें। जिले में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार घर-घर जाकर मच्छरों के संभावित प्रजनन स्थलों की जांच कर रही हैं और लोगों को डेंगू से बचाव के उपायों की जानकारी दे रही हैं। बरसात के इस मौसम में सतर्कता और साफ-सफाई ही डेंगू से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।