स्थानीय निवासियों के अनुसार, सुबह 4 बजे से सोसाइटी की बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित है। हैरानी की बात यह है कि अधिकतर रेज़िडेंट्स को बेसमेंट में पानी भरने की कोई सूचना तक नहीं दी गई, जिससे उन्हें समय पर अपनी गाड़ियां हटाने का मौका भी नहीं मिला।
नाराज लोगों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है। पिछले चार वर्षों से हर मानसून में इसी तरह की स्थिति उत्पन्न होती है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। निवासियों ने सोसाइटी मेंटेनेंस और प्रोजेक्ट डेवलपर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि एक-एक करोड़ रुपये की कीमत वाले फ्लैट्स और महंगी पार्किंग लेने के बावजूद उन्हें हर बार इस तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
साथ ही, बेसमेंट में जलभराव को लेकर कोई समय रहते अलर्ट या चेतावनी भी नहीं दी जाती। सिर्फ प्रतीक ग्रैंड सिटी ही नहीं, बल्कि गौशाला अंडरपास, क्रॉसिंग रिपब्लिक और लोनी क्षेत्र में भी जलभराव की स्थिति गंभीर बनी हुई है। कई सड़कों पर दो से तीन फीट तक पानी जमा हो गया है, जिससे आमजन का निकलना मुश्किल हो गया है।
हाईवे किनारे सर्विस लेन तक पानी में डूबी नजर आईं। कुछ इलाकों में तो गाड़ियां पूरी तरह जलमग्न हो गई हैं। बिजली आपूर्ति भी लगातार बाधित हो रही है। जलभराव के चलते कई इलाकों में बिजली विभाग ने एहतियातन बिजली सप्लाई बंद कर दी है, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो। इससे लोगों को अंधेरे में रात गुजारनी पड़ी।