इस डिजिटल परिवर्तन के तहत डाकघरों की पूरी संरचना को APT (Advanced Platform for Transactions) प्रणाली पर स्थानांतरित किया जाएगा। इस उन्नयन के लिए आवश्यक तकनीकी प्रक्रिया – जैसे डेटा माइग्रेशन, सिस्टम वैलिडेशन और कन्फ़िगरेशन – को ध्यान में रखते हुए 2 अगस्त 2025 को सभी संबंधित डाकघरों में कोई सार्वजनिक लेन-देन नहीं होगा। यह अस्थायी विराम सिस्टम को बेहतर ढंग से स्थापित करने हेतु आवश्यक है।
हालांकि, इस दौरान नागरिकों की सुविधा के लिए जालंधर सिटी प्रधान डाकघर के अधीन आने वाले डाकघरों की सेवाएं सुचारु रूप से चालू रहेंगी, जिन्हें वैकल्पिक रूप से उपयोग किया जा सकता है।
डाक विभाग के अनुसार, IT 2.0 एप्लिकेशन का उद्देश्य न केवल सेवा गति को बढ़ाना है, बल्कि ग्राहकों को एक यूज़र-फ्रेंडली इंटरफ़ेस, रीयल टाइम ट्रैकिंग और बेहतर डेटा सुरक्षा जैसी आधुनिक सुविधाएं भी प्रदान करना है। यह परिवर्तन “डिजिटल इंडिया” मिशन की दिशा में डाक विभाग की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
डाक विभाग ने अपने सभी ग्राहकों से आग्रह किया है कि वे 2 अगस्त को डाकघर की योजनाओं को ध्यान में रखते हुए अपनी आवश्यकताओं की पूर्व योजना बनाएं। विभाग ने असुविधा के लिए खेद जताया है और आश्वस्त किया है कि यह परिवर्तन हर नागरिक को अधिक सक्षम, सुलभ और डिजिटल रूप से सशक्त सेवा प्रदान करेगा।
इस महत्वपूर्ण बदलाव के साथ जालंधर कैंट क्षेत्र डाक सेवाओं में एक नए युग में प्रवेश करने जा रहा है, जहाँ तकनीक और सुविधा साथ-साथ चलेंगी।