
तेलंगाना के संगारेड्डी जिले के पासामईलरम औद्योगिक क्षेत्र में सोमवार को एक केमिकल फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट और आगजनी ने पूरे इलाके को दहला दिया। सिगाची केमिकल्स फैक्ट्री में रिएक्टर फटने के बाद लगी भीषण आग में अब तक 27 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 35 लोग घायल हुए हैं और 24 लोग अभी भी लापता हैं। जिला प्रशासन के अनुसार, फैक्ट्री में हुए इस हादसे में अब तक चार मृतकों की पहचान हो चुकी है, शेष शवों की पहचान प्रक्रिया जारी है। राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है, और घटनास्थल पर दमकल की कई गाड़ियाँ, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीम और पुलिस बल तैनात हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, फैक्ट्री में सोमवार सुबह अचानक जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद परिसर में आग तेजी से फैल गई। बताया जा रहा है कि यह धमाका एक रासायनिक रिएक्टर के फटने के कारण हुआ, जिसमें अत्यधिक तापमान और रसायनों की असंतुलित प्रतिक्रिया जिम्मेदार मानी जा रही है।
धमाके के बाद कई मजदूर भीतर ही फंस गए और आग की लपटों में घिर गए। कुछ लोगों ने खिड़कियों और दीवारों को तोड़कर अपनी जान बचाई, जबकि कई लोग बाहर निकलने में असमर्थ रहे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर दुख जताते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, "तेलंगाना के संगारेड्डी में फैक्ट्री में आग लगने की घटना में लोगों की मौत से दुखी हूं। जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है, मेरी संवेदनाएं उनके साथ हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।"
प्रधानमंत्री कार्यालय ने यह भी घोषणा की है कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से प्रत्येक मृतक के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50 हजार की अनुग्रह राशि दी जाएगी।
वहीं, बिहार सरकार ने भी पुष्टि की है कि इस हादसे में कई मजदूर बिहार के निवासी थे। सरकार ने घोषणा की कि बिहार के मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50 हजार की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
प्रशासनिक कार्रवाई और जांच
संगारेड्डी के जिलाधिकारी ने बताया कि लापता लोगों की तलाश के लिए ड्रोन, थर्मल इमेजिंग उपकरण, और डॉग स्क्वॉड का सहारा लिया जा रहा है। घायलों का उपचार संगारेड्डी जिला अस्पताल एवं हैदराबाद के विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है।
राज्य सरकार ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और फैक्ट्री के प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। प्रारंभिक जांच में औद्योगिक सुरक्षा मानकों की अनदेखी और अत्यधिक दबाव में रासायनिक संचालन को हादसे का संभावित कारण माना जा रहा है।
स्थानीय आक्रोश और औद्योगिक सुरक्षा पर सवाल
हादसे के बाद पास के गांवों और मजदूर कॉलोनियों में गहरा आक्रोश है। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री में पहले भी कई बार सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी, लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
औद्योगिक विशेषज्ञों का कहना है कि देश में केमिकल फैक्ट्रियों में सुरक्षा अनुपालन की स्थिति चिंताजनक है। तेलंगाना जैसी औद्योगिक प्रगति कर रहे राज्य में इस तरह की घटनाएं नियामकीय विफलता की ओर इशारा करती हैं।
एक त्रासदी, कई सबक
संगारेड्डी का यह हादसा सिर्फ एक औद्योगिक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक जागरूकता का आह्वान है। यह घटना दर्शाती है कि सुरक्षा, प्रशिक्षण, और निगरानी के बिना औद्योगिक विकास सिर्फ उत्पादन नहीं, प्राण-हानि भी ला सकता है।
सरकार और उद्योग जगत दोनों के लिए यह समय है कठोर सुधारात्मक कदम उठाने का, ताकि आगे चलकर ऐसा कोई हादसा न दोहराया जाए।