सहारनपुर के बेहट रोड स्थित ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर में बने सेंसर्ड ट्रैक पर ड्राइविंग टेस्ट के दौरान कई आवेदक फेल हो रहे हैं। बीते लगभग 84 दिनों के भीतर 422 लोगों ने स्थायी लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदन किया, जिनमें से 383 ने टेस्ट पास कर लिया जबकि 61 को असफलता हाथ लगी। पहले लोग सीधे आरटीओ से लाइसेंस बनवा लेते थे, लेकिन अब सेंटर की स्थापना के बाद से पूरी प्रक्रिया तकनीकी और पारदर्शी हो गई है। आर आई रोहित सिंह ने भेट वार्ता में हमारे संवाददाता नईम सागर को बताया की टेस्ट के दौरान पूरी प्रक्रिया की ऑनलाइन वीडियो रिकॉर्डिंग होती है। रिवर्स एस, रिवर्स पेरलल पार्किंग आदि में वाहन चालक की थोड़ी सी गलती पर सेंसर अलर्ट कर देता है। गियर या ब्रेक लगाने या क्लच दबाने में गड़बड़ी होने पर टेस्ट फेल हो सकता। अगर कोई अभ्यर्थी फेल हो जाता है तो उसे एक हफ्ते बाद फिर से टेस्ट देने का अवसर मिलता है। तीन बार लगातार फेल होने पर उस व्यक्ति को अयोग्य घोषित कर दिया जाता है। सभी सफल अभ्यर्थियों को ही लाइसेंस जारी किया जाता है। हर दिन 180 स्लॉट ही उपलब्ध हैं, जिससे प्रक्रिया धीमी हो गई है। स्लॉट बुक करके ही टेस्ट दिया जा सकता है और फीस ऑनलाइन जमा होती।
ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर पर 84 दिनों में 422 आवेदन, 61 फेल, 383 को मिली सफलता: रोहित सिंह
June 26, 2025
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